" अल्फ़ाज़ - ज़ो पिरोये मनसा ने "

ज़र्रों में रह गुज़र के चमक छोड़ जाऊँगा ,
आवाज़ अपनी मैं दूर तलक छोड़ जाऊँगा |
खामोशियों की नींद गंवारा नहीं मुझे ,
शीशा हूँ टूट भी गया तो खनक छोड़ जाऊँगा||

किसी और की हो नहीं पाएगी वो ||



मुझे भूलने का दावा कर रही  ,
मगर मेरे वज़ूद को अपने में खो नहीं पाएगी वो ||

मेरी पागलों सी दीवानगी पे हँस रही ,
मगर रात को नैनों में लिए अश्क़ सो नहीं पाएगी वो ||

मुझसे दूर जाने को बेताब दिख रही ,
मगर फिर खुशियों को अपने संग पिरो नहीं पाएगी वो ||

"शायद किस्मत को यही मंजूर" कह रही ,
मगर अपनी लकीरों से मेरा प्यार धो नहीं पाएगी वो ||

"मुझे नहीं मालूम , क्या मज़बूरी , क्या शिकायत हैं उसको मुझसे "

बस मुझे खबर हैं अपनी मोहब्बत से इतनी ,
मुझसे ज़ुदा होके  किसी और की हो नहीं पाएगी वो ||


    || मनसा || 



जरा इन्हें भी देख लीजिये  >>




21 comments:

बहुत खूब...||

 

"शायद किस्मत को यही मंजूर" कह रही ,
मगर अपनी लकीरों से मेरा प्यार धो नहीं पाएगी वो ||

सच में इस हालत में तो वह किसी की नहीं हो पाएगी .....भावों को शालीनता और सहजता से अभिव्यक्त किया है आपने .....आपका आभार

 

आपने मेरी शायरी ब्लॉग से चित्र को कॉपी किया जो मुझे अच्छा नहीं लगा! अगर हो सके तो कोई और चित्र लगाइए !
कविता सुन्दर लिखा है आपने!

 

bahut sundar bhav prastut kiye hain aapne .badhai .

 

hausla agzai ke liye aap sabhi ka bahut bahut shukriya :)

babli zi jaha tak pic ka sawaal hai , wo pic maine yaha se lee thi
http://my.opera.com/shaftaloo/albums/showpic.dml?album=829668&picture=11311544

phir bhi aapko aitraaz tha , to maine pic change kar lee hai ::)

 

मेरी पागलों सी दीवानगी पे हँस रही ,
मगर रात को नैनों में लिए अश्क़ सो नहीं पाएगी वो ||
Bahut sundar!

 

apne pyar par itna vishwas...acchhi baat hai...aur ye bhi sach hai ki koi bhi apna pehla pyar bhula nahi sakta chahe vo zindgi ke kisi bhi padaav me pahunch jaye.

bhaavo ko sunder pravaah diya hai.

 

भावनाओं से भरी सुंदर कविता ,
विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

 

bilkul bhai.............nishchint raho...aap hi ki hogi.....bus beech me quit mat karna....keep trying...

 

http://charchamanch.blogspot.com/

आज आप चर्चा मंच पर हैं ||

 

Bhav sundarta se mukharit hua hai

 

जज़्बात पर आपकी टिप्पणी का तहेदिल से शुक्रिया.........आज पहली बार आपके ब्लॉग पर आना हुआ..........बहुत पसंद आई आपकी ये पोस्ट ........शानदार ...बेहतरीन......आपको फॉलो कर रहा हूँ ताकि आगे भी साथ बना रहे|

 

बहुत सुंदर ब्लॉग और मनोहारी प्रस्तुति

"मगर अपनी लकीरों से मेरा प्यार धो नहीं पाएगी वो" - बहुत खूब

 

सुन्दर प्रस्तुति..

 

वाह ! बेहद खूबसूरती से कोमल भावनाओं को संजोया इस प्रस्तुति में आपने ...

 

Nice post.
आपकी इस पोस्ट का चर्चा आपको आज सुबह मिलेगा ‘ब्लॉगर्स मीट वीकली‘ में।
आप सादर आमंत्रित हैं।